दिल्ली। कोरोना संकट ( Coronavirus ) के कारण देशभर में लॉकडाउन का विस्तार 3 मई तक कर दिया गया है। पीएम के आज के संबोधन से पहले कई राज्य सरकारों ने अपने यहां 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाया था। लेकिन केंद्र ने पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन को लागू करने का फैसला किया है।
अब लॉकडाउन ( Lockdown ) बढ़ने के बाद सभी के जेहन में एक सवाल ये उठ रहा है कि आखिरकार लॉकडाउन को 3 मई तक क्यों बढ़ाया गया है। दरअसल एक मई को सार्वजनिक अवकाश है, दो मई को शनिवार और तीन मई को रविवार। इसलिए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने का फैसला किया है।
हालांकि कई राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार से लॉकडाउन की मियाद को 30 अप्रैल तक बढ़ाने की दरख्वास्त की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने छुट्टियों को मददेनज़र देखते हुए इसे 3 मई तक बढ़ा दिया है। सरकारी सूत्रों का ऐसा मानना है कि तीन दिन की छुट्टियों के कारण लोग अधिक संख्या में घर से बाहर निकल सकते थे।
जिस वजह से कई जगहों पर भारी भीड़ जुट सकती है। ऐसे में सोशल डिस्टेनसिंग ( Social Distancing ) को लेकर दिक्कत आएगी। इस वजह से लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम धैर्य बनाकर रखेंगे, नियमों का पालन करेंगे तो कोरोना जैसी महामारी को भी परास्त कर पाएंगे।
देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi ) ने कहा, 'सभी का यही सुझाव है कि लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया जाए। कई राज्य तो पहले से ही लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। पीएम के इस फैसले के बाद 3 मई तक हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा।